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Important news- Actor dies while performing Garba | जरूरत की खबर- गरबा करते हुए एक्टर की मौत: हुआ था हार्ट अटैक, क्यों बढ़ रहे ऐसे केस, गरबा आयोजक रहें इमरजेंसी के लिए तैयार

43 मिनट पहलेलेखक: मनीषा पांडेय

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सोशल मीडिया पर इस वक्त एक बहुत तकलीफदेह वीडियो वायरल हो रहा है। इस वीडियो में पुणे शहर में गरबा किंग के नाम से मशहूर गरबा डांसर और अभिनेता अशोक माली अपने बेटे भावेश के साथ गरबा कर रहे हैं। चारों तरफ लोगों का हुजूम है। सभी नवरात्रि की खुशी में नाच-गा रहे हैं। तभी अचानक डांस करते-करते अशोक माली जमीन पर गिर पड़ते हैं। वहां मौजूद लोग उन्हें तुरंत नजदीकी अस्पताल में लेकर जाते हैं, जहां डॉक्टर उन्हें मृत घोषित कर देते हैं।

डॉक्टरों के मुताबिक अशोक माली की मौत गरबा के दौरान अचानक आए हार्ट अटैक के कारण हुई।

पिछले साल भी गरबा इवेंट्स के दौरान देश भर से अचानक हार्ट अटैक और मृत्यु की कई घटनाएं सामने आई थीं। 24 घंटे के अंदर हार्ट अटैक और कार्डियक अरेस्ट से 12 लोगों की मौत हो गई थी। अहमदाबाद में एक 17 साल के लड़के और बड़ौदा में एक 13 साल के लड़के की भी हार्ट अटैक से मौत हुई।

हार्ट अटैक और कार्डियक अरेस्ट जैसी इमरजेंसी हेल्थ कंडीशंस अब तक सिर्फ उम्रदराज लोगों के साथ ही जुड़ी थीं। लेकिन आंकड़े कह रहे हैं कि इस बीमारी में अब उम्र की सीमा खत्म होती जा रही है। खासतौर पर गरबा, शादी जैसे उत्सवों के समय अचानक हार्ट अटैक की घटनाएं जिस तेजी से बढ़ रही हैं, वो बहुत ही चिंता का विषय है।

इसलिए आज जरूरत की खबर में बात करते हैं गरबा और हार्ट अटैक की। और जानते हैं कि-

  • हार्ट अटैक की ये घटनाएं क्यों हो रही हैं?
  • इनसे बचाव के उपाय क्या हैं?

एक्सपर्ट: डॉ. तन्मई यरमल जैन, कार्डियोलॉजिस्ट, मणिपाल हॉस्पिटल, पुणे

सवाल- देश भर में नवरात्रि उत्सव, गरबा, शादियों के दौरान अचानक हार्ट अटैक की घटनाएं क्यों बढ़ जाती हैं?

जवाब- हमारे शरीर की लाखों कोशिकाओं को काम करने के लिए हर क्षण खून की जरूरत होती है। हार्ट हमारे जन्म से लेकर मृत्यु तक बिना थके, रुके लगातार ये काम करता रहता है यानी ब्लड पंप करके शरीर के हर हिस्से को 24 घंटे ब्लड सप्लाई करता रहता है।

हार्ट अटैक एक उम्र के बाद आए या शादी, उत्सव में डांस करते या जिम में वर्कआउट करते हुए आ जाए, उसके पीछे कारण हमेशा एक ही होता है। वो ये कि हमारे हार्ट की सेहत अच्छी नहीं है। हमारी लाइफ स्टाइल के कारण या जेनेटिक कारणों से हार्ट कमजोर हो गया है और उसके लिए ब्लड पंप करने का काम एक चुनौती बन गया है।

हार्डकोर फिजिकल एक्टिविटी के समय हार्ट अटैक इसलिए आता है क्योंकि उस वक्त शरीर को ज्यादा ब्लड की जरूरत होती है और उस डिमांड को पूरा करने के लिए हार्ट ज्यादा मेहनत कर रहा होता है। सामान्य दिनों में जो हार्ट कमजोर होने के बावजूद अपनी डेली जरूरतों को पूरा करने लायक काम कर लेता है, अचानक वर्कलोड बढ़ने पर वह उसे संभाल नहीं पाता और रुक जाता है।

डिटेल नीचे ग्राफिक में देखिए-

सवाल- पिछले कुछ सालों में हार्ट अटैक के मामले कितने बढ़े हैं? आंकड़े क्या इशारा कर रहे हैं?

जवाब- विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के मुताबिक, पूरी दुनिया में हर साल तकरीबन 6 करोड़ लोगों की मौत होती है, जिसमें से 32% मौतों की वजह कार्डियोवस्कुलर डिजीज हैं।

प्रसिद्ध मेडिकल जर्नल ‘दे लैसेंट’ के मुताबिक भारत में हर साल लगभग 5-6 लाख लोग अचानक हुए कार्डियक अरेस्ट के कारण मृत्यु का शिकार होते हैं।

सवाल- गरबा के दौरान हार्ट अटैक के रिस्क से बचने के लिए क्या सावधानियां बरतनी चाहिए?

जवाब- मणिपाल हॉस्पिटल, पुणे में कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. तन्मई यरमल जैन कहते हैं कि हार्ट अटैक या कार्डियक अरेस्ट से बचने के लिए सबसे जरूरी तो ये है कि अपने दिल की सेहत का ख्याल रखा जाए। एक्सरसाइज की जाए, हेल्दी खाना खाया जाए, भरपूर नींद ली जाए और तनाव से दूर रहा जाए।

लेकिन खासतौर पर किसी सेलिब्रेशन के दौरान हमें अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत होती है। नीचे ग्राफिक में देखिए-

सवाल- गरबा आयोजकों को इमरजेंसी के लिए कैसे तैयार रहना चाहिए? पहले से क्या सावधानियां बरतनी चाहिए?

जवाब- डॉ. तन्मई यरमल जैन इसके लिए कुछ महत्वपूर्ण सुझाव देते हैं। नीचे ग्राफिक में देखिए-

सवाल- आम लोगों को भी CPR देने की ट्रेनिंग क्यों लेनी चाहिए?

जवाब- डॉ. तन्मई यरमल जैन कहते हैं कि जीवन में क्राइसिस कभी भी हो सकती है। भगवान न करे कि कभी आपके किसी प्रिय के साथ अचानक ऐसा हो जाए। ऐसे में यदि आपको CPR (कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन) के बारे में जानकारी होगी, यह देना आता होगा तो आप किसी की जान बचा सकते हैं। कार्डियक अरेस्ट की स्थिति में जब किसी को अस्पताल लेकर जाया जाता है तो सबसे पहले डॉक्टर भी CPR ही देते हैं। 60 से 70 फीसदी मामलों में मरीज की जान बच जाती है। साथ ही यह बिल्कुल मुश्किल नहीं है। बस आपको उसका बेसिक साइंस और करने का तरीका पता होना चाहिए।

सवाल- हम CPR देने की ट्रेनिंग कहां और कैसे ले सकते हैं?

जवाब- इसी साल केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने मरीजों की जान बचाने के लिए CPR की ट्रेनिंग देने का अभियान शुरू किया है। अस्पतालों, मेडिकल एजुकेशन सेंटर्स, मेडिकल यूनिवर्सिटी समेत बहुत सारे संस्थानों में CPR की ट्रेनिंग दी जा रही है। यूजीसी (यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन) ने भी देश की सभी यूनिवर्सिटी और कॉलेजों में डॉक्टरों और मेडिकल एक्सपर्ट की मदद से लोगों को CPR समेत बेसिक लाइफ सपोर्ट की ट्रेनिंग देने की बात कही है।

अगर आप अपने नजदीकी अस्पताल में भी पूछेंगे तो आपको अपने शहर के ऐसे कई सेंटर्स का पता चल जाएगा, जहां मुफ्त में CPR की ट्रेनिंग दी जाती है। इसलिए यह जरूर सीखें और मुश्किल में किसी की जान बचाने के लिए सदा तैयार रहें।

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