11 मिनट पहलेलेखक: संदीप सिंह
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साल 2020 में इंग्लैंड में एक दो साल के बच्चे की मौत हो गई थी। कारण था घर में सीलन की वजह से फंगस और काई का जमा होना। काई में पैदा होने वाले जीवाणु हवा के जरिए बच्चे के शरीर में पहुंच गए और उसकी मौत का कारण बन गए।
सुनने में ये बात बहुत अजीब लगती है कि सीलन, फंगस और काई भी क्या मौत का कारण हो सकते हैं। लेकिन ये सच है। हमारे घरों में दीवारों, लकड़ी के दरवाजों, फर्नीचर, बाथरूम के कोनों में जमा काई, सीलन और फंगस कई जानलेवा बीमारियों की वजह बन सकते हैं। ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज के मुताबिक भारत में 5 करोड़ से ज्यादा लोग फंगल डिजीज का सामना कर रहे हैं।
घर की सीलन, फंगस आदि की भी इन बीमारियों को फैलाने में बहुत बड़ी भूमिका है।
इसलिए आज जरूरत की खबर में बात करेंगे कि काई या फंगस की वजह से किस तरह की हेल्थ प्रॉब्लम्स हो सकती हैं? साथ ही जानेंगे कि-
- घर के किन हिस्सों में सीलन या काई का सबसे ज्यादा खतरा रहता है?
- सीलन, काई की समस्या से कैसे छुटकारा पा सकते हैं?
एक्सपर्ट: अरबाज खान, सिविल इंजीनियर, प्राइम एसोसिएट्स (इंदौर)
सवाल- सीलन या फंगस के कारण किस तरह की हेल्थ प्रॉब्लम्स हो सकती हैं?
जवाब- घर में सीलन, काई या फंगस होने से माइक्रोऑर्गेनिज्म (Microorganisms) या बैक्टीरिया पनपते लगते हैं। यह इतने छोटे होते हैं कि आंखों से दिखाई नहीं देते हैं।
इससे राइनाइटिस यानी नाक बहना, छींक आना या खुजली होने जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इसके अलावा इससे अस्थमा या सांस से जुड़ी परेशानियां होने का भी खतरा बढ़ जाता है।
नीचे दिए ग्राफिक से समझिए कि फंगस या काई से किस तरह की गंभीर बीमारियां हो सकती हैं।

सवाल- घर में काई या फंगस लगने के क्या कारण हो सकते हैं?
जवाब- घर की दीवारों पर सीलन के कारण जो सफेद रुई जैसी परत बन जाती है, वह फंगस होती है। इसके कई कारण हो सकते हैं। जैसेकि-
- दीवारों के आसपास जमीन में नमी होना।
- किसी दीवार से पानी के सोर्स का सटा होना।
- घर में वेंटिलेशन की उचित व्यवस्था न होना।
- छत पर पानी का सही निकास न होना।
- घर बनवाते वक्त अच्छी क्वालिटी के सीमेंट या ईंटों का इस्तेमाल न होना।
- पानी की टंकी या पाइप में लीकेज होना।
नीचे दिए ग्राफिक से समझिए कि घर के किन हिस्सों में काई या फंगस का खतरा ज्यादा रहता है।

सवाल- घर में जमा फफूंद को कैसे साफ करें?
जवाब- नीचे दिए पॉइंटर्स में समझें कि फफूंद को कैसे साफ करना चाहिए और यह करते हुए क्या सावधानी बरतनी चाहिए-
- घर में कहीं भी काई जमा न होने दें या फफूंद न लगने दें।
- अगर कहीं फफूंद लगी है तो उसे झाडू से झाड़कर साफ न करें। ऐसे में उसमें पल रहे कीटाणु उड़कर हवा में चले जाएंगे और फिर वह सांस के जरिए शरीर में भी प्रवेश कर सकते हैं।
- एक कपड़े को फिनायल या विनेगर में डुबोकर उससे फफूंद को साफ करें। फिर उस कपड़े को धोकर दोबारा इस्तेमाल करने की कोशिश न करें। उसे फेंक दें।
- मार्केट में कुछ मोल्ड रिमूवर क्लीनर और ब्लीच भी आते हैं। फफूंद को साफ करने के लिए उस लिक्विड का भी इस्तेमाल कर सकते हैं।
- घर में कहीं भी जमा फफूंद को साफ करते वक्त नाक और मुंह पर कपड़ा बांधना जरूरी है। साथ ही आंखों का बचाव भी जरूरी है। खुली आंखों और नाक से फफूंद को साफ न करें।
- दीवारों पर या बाथरूम की फर्श पर काई न जमा होने दें। जहां थोड़ी भी काई जमा हो, उस जगह को स्ट्रांग क्लीनर लिक्विड से तुरंत साफ करें।
- बाथरूम की फर्श को सूखा रखें ताकि काई, फफूंद जमा न हो।
- किसी कपड़े को ज्यादा दिनों तक गीला या पानी में भीगा न रहने दें। अगर इस कारण से किसी कपड़े में काई जमा हो गई है तो उसे धोकर साफ करने की कोशिश न करें। उस कपड़े को फेंक दें।
- अगर घर में ज्यादा फफूंद लग रही है तो पूरे घर का पेस्ट कंट्रोल करवाएं।
सवाल- घर को सीलन या काई से बचाने के लिए क्या कर सकते हैं?
जवाब- घरों की दीवार, छत या खिड़की-दरवाजों के आसपास सीलन या नमी आना आम बात है। लंबे समय तक सीलन रहने से फंगस या काई पनपने लगती है, जो बीमारियों का कारण बनती है। इसलिए बहुत जरूरी है कि घर बनवाने से लेकर रख-रखाव तक विशेष ख्याल रखा जाए। घर को सीलन से बचाने के लिए वाटर प्रोटेक्शन की मदद ले सकते हैं। वाटर प्रोटेक्शन केमिकल से सीलन को रोका जा सकता है।
आजकल कंस्ट्रक्शन की क्वालिटी भी काफी इंप्रूव हो गई है। अब मार्केट में ऐसी टेक्नोलॉजी उपलब्ध है, जिससे घर की वाटर प्रूफिंग आसानी से करवाई जा सकती है।
इसके अलावा नीचे ग्राफिक में दिए यह टिप्स भी अपना सकते हैं।

सवाल- घर को सीलन से बचाने के लिए किन बातों का ध्यान रखें?
जवाब- दीवारों को खराब कर देने वाली काई या फंगस घर की सुदंरता के साथ-साथ लोगों की सेहत पर भी बुरा असर डालती है। घर
को सीलन से बचाने के लिए सबसे जरूरी है कि कहीं भी पानी का लीकेज न होने दें। घर की छत पर या आसपास कहीं भी पानी जमा न होने दें।
नीचे ग्राफिक में दिए उपायों की मदद से आप अपने घर को सीलन मुक्त बना सकते हैं।

सवाल- लकड़ी के फर्नीचर को फंगस और काई से कैसे सुरक्षित रख सकते हैं?
जवाब- घर की दीवारों, छतों के साथ लकड़ी के फर्नीचर का भी खास ख्याल रखने की जरूरत है। जरा सी लापरवाही से लकड़ी के फर्नीचर में नमी या सीलन आ सकती है। इससे लकड़ी में फफूंद लग सकती है और फिर कई बीमारियों का कारण बन सकती है।
नीचे दिए ग्राफिक से समझिए कि मानसून में लकड़ी के फर्नीचर को कैसे सुरक्षित रख सकते हैं।





