1 घंटे पहलेलेखक: शैली आचार्य
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जब आप ‘रिलेशनशिप’ शब्द सुनते हैं तो क्या सोचते हैं। शायद यही कि किसी व्यक्ति का किसी और व्यक्ति जैसे परिवार के सदस्य या दोस्त के साथ रिश्ता होना या फिर एक रोमांटिक रिलेशनशिप। लेकिन क्या आपने कभी इसे खुद का खुद के साथ रिश्ता होने की तरह देखा है या इस बारे में सोचा है।
अब आप सोच रहे होंगे ऐसा भी कुछ होता है क्या। जी हां, दुनिया में सभी रिश्तों में सबसे ज्यादा जरूरी होता है- खुद का खुद के साथ रिश्ता। इसे हम अंग्रेजी में कहते हैं- ‘सेल्फ रिलेशनशिप’।
रिसर्चगेट में पब्लिश एक स्टडी के मुताबिक, सेल्फ रिलेशनशिप न केवल खुद के लिए फायदेमंद है, बल्कि साथ ही यह हमारे बाकी के रिश्तों को भी बेहतर बनाए रखने में भी मदद करता है। इससे हमारा मानसिक स्वास्थ्य भी अच्छा रहता है।
अपने आप से रिश्ता कायम करना बहुत जरूरी है। ऐसा इसलिए क्योंकि यह हमारे बाकी सभी रिश्तों को प्रभावित कर सकता है। हम अपने बारे में कैसा सोचते हैं, अपने साथ कैसा बर्ताव करते हैं, यह हमारे सबसे पहले रिश्तों में से एक है। इसी पर हमारा दूसरों के साथ बर्ताव भी शामिल है।
तो आज रिलेशनशिप कॉलम में बात करेंगे खुद के साथ रिश्ते की। साथ ही जानेंगे कि-
- सेल्फ-रिलेशनशिप पर किन चीजों का नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
- कैसे हम अपने साथ रिश्ते को बेहतर बना सकते हैं।
सेल्फ रिलेशनशिप क्या है
सरल शब्दों में कहें तो सेल्फ रिलेशनशिप का मतलब है खुद के साथ खुद का रिश्ता। यानी कि खुद से असल मायने में मिलना, अपने आपको जानना, अपने बर्ताव को समझना और अपने अच्छे-बुरे को पहचानना।
खुद के साथ रिलेशनशिप बनाना एक जरूरी और सुंदर अनुभव हो सकता है। मनोचिकित्सक बताते हैं कि सेल्फ रिलेशनशिप से आप न केवल खुद को खुश रख सकते हैं बल्कि अपने आसपास के रिश्तों को भी बेहतर तरह से निभा सकते हैं।

सोशल मीडिया का सेल्फ रिलेशनशिप पर नकारात्मक प्रभाव
आज के समय में सोशल मीडिया हमारी दूसरी या कहें पहली दुनिया हो गया है। खाना खाने के पहले उसकी फोटो सोशल मीडिया पर पोस्ट करने से लेकर नए दोस्त बनाने और खुशियां ढूंढने के लिए भी हम सोशल मीडिया पर ही निर्भर रहते हैं। इसका नकारात्मक असर हमारे वेलबीइंग और सेल्फ रिलेशनशिप पर पड़ रहा है।
सोशल मीडिया पर ज्यादा समय बिताने से वास्तविक जीवन में रिश्तों और अनुभवों से दूरी बढ़ रही है। हम अपने आपको लेकर अपनी राय से ज्यादा महत्व सोशल मीडिया पर दूसरों के द्वारा दी गई राय और आलोचनाओं को देते हैं। इसी के साथ कई और चीजें भी हैं, जिनका असर सेल्फ रिलेशनशिप पर पड़ रहा है।

सेल्फ रिलेशनशिप को कैसे बनाएं बेहतर
सेल्फ रिलेशनशिप पर मनोचिकित्सक और लेखिका पूजा लक्षमीन के द्वारा एक किताब लिखी गई है- ‘रियल सेल्फ-केयर।’ इस किताब में उन्होंने बताया है कि खुद के साथ हम अपना रिश्ता कैसे बेहतर बना सकते हैं। साथ ही हम खुद की केयर कैसे कर सकते हैं। इसके लिए हमारा खुद के लिए समय निकालना और अपने आप को प्राथमिकता देना जरूरी है। इसके लिए आपको कुछ छोटे-छोटे कदम उठाने होंगे, जैसेकि हर दिन कुछ वक्त के लिए ध्यान करना या प्रकृति में समय बिताना। या फिर कोई नई चीज सीखना।
नीचे ग्राफिक में विस्तार से जानें कि कैसे आप अपने आप के साथ रिश्ते को और बेहतर कर सकते हैं-

सेल्फ रिलेशनशिप देता मानसिक शांति और संतुष्टि
ऊपर दिए सुझावों को अपनाकर आप अपने साथ एक सकारात्मक और बेहतर रिलेशनशिप बना सकते हैं। इसके कई और भी फायदे हैं। जैसेकि-
- खुद के साथ एक स्वस्थ रिश्ता रखना आपको जीवन की कई चुनौतियों और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं से निपटने में मदद कर सकता है।
- खुद के साथ समय बिताने से आपको मानसिक शांति और संतुष्टि मिल सकती है।
- इससे आप अपने करियर में ज्यादा बेहतर कर सकते हैं। साथ ही ये वर्क रिलेशनशिप भी बेहतर बनाने में मदद करता है।
- खुद के बारे में एक मजबूत समझ आपको सीमाएं निर्धारित करने, प्रभावी ढंग से बातचीत करने और रिश्तों में अपनी जरूरतों को प्राथमिकता देने में मदद करती है।
- इससे आप अपने जीवन के उद्देश्य की खोज बेहतर तरीके से कर सकते हैं। साथ ही अपने लक्ष्यों तक तय समय में पहुंच सकते हैं।




