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Laziness Symptom; Habits Drawbacks (How to Overcome) | रिलेशनशिप- आलसी लोगों की 8 आदतें: इसमें से कोई आदत आप में तो नहीं, उबरने के लिए साइकोलॉजिस्ट के 15 टिप्स

25 मिनट पहलेलेखक: शिवाकान्त शुक्ल

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कहते हैं कि आलस इंसान का सबसे बड़ा दुश्मन है। यह आलस सुबह उठने से लेकर रात सोने तक कुछ लोगों का पीछा नहीं छोड़ता है। उनमें टालमटोल करने की ऐसी आदत लग जाती है कि कोई भी काम समय पर पूरा नहीं होता है।

आलस अपने आप में एक गंभीर समस्या है। आलस न केवल हमारी प्रोडक्टिविटी को कम करता है, बल्कि ये हमारे शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर भी गहरा असर डालता है। आलस किसी भी काम को बोझिल बना सकता है। यह एक ऐसी आदत है, जो बने हुए काम को बिगाड़ सकती है।

हालांकि सही स्ट्रैटजी और माइंडफुलनेस के जरिए इस आदत से छुटकारा पाया जा सकता है।

तो आज रिलेशनशिप कॉलम में हम आलस से बचने के उपायों के बारे में बात करेंगे। साथ ही जानेंगे कि-

  • कैसे जानें कि आप पर आलस हावी हो रहा है?
  • काम के दौरान कैसे एनर्जेटिक रह सकते हैं?

आलस क्या होता है?

इसमें व्यक्ति अपने काम को लेकर उदासीन बना रहता है। वह अपनी जिम्मेदारियों से बचने की कोशिश करता है। आलस में व्यक्ति काम करने के बजाय उससे बचने के नए-नए बहाने ढूंढता है। रोजमर्रा के बुनियादी जरूरत के काम भी पेंडिंग पड़े रहते हैं और धीरे–धीरे करके कामों का अंबार इकट्‌ठा हो जाता है।

आलस क्यों होता है?

इसके कई कारण हो सकते हैं। हर व्यक्ति के हिसाब से कारण अलग-अलग हो सकते हैं। कई बार थकान या मोटिवेशन की कमी के कारण भी काम में मन नहीं लगता और यह आलस का रूप ले लेता है। किसी हेल्थ इशू की वजह से भी ऐसा हो सकता है कि व्यक्ति को काम करने की ऊर्जा और उत्साह महसूस न हो। कई बार यह सिर्फ आलसी स्वभाव के कारण भी होता है।

हर आलसी इंसान में दिखते ये संकेत

आलस एक ऐसी बुरी आदत है, जो धीरे-धीरे व्यक्ति की लाइफस्टाइल को प्रभावित करती है। इससे उसकी दिनचर्या पूरी तरह से खराब हो सकती है और जरूरी काम पीछे छूटने लगते हैं। आलसी आदमी किसी भी काम को मुश्किल और थका देने वाला समझता है। वह शारीरिक रूप से कुछ भी करने से बचता है। इसके कुछ संकेत हैं, जिन्हें नीचे दिए गए ग्राफिक से समझिए-

आलस मेंटल और फिजिकल हेल्थ के लिए नुकसानदायक

साइकोलॉजिस्ट डॉ. सत्यकांत त्रिवेदी बताते हैं कि आलस मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकता है। इससे स्ट्रेस और एंग्जाइटी जैसी समस्याएं हो सकती हैं। जब किसी कार्य को करने में समय की देरी होती है तो वह मानसिक दबाव का कारण बन सकता है। इससे व्यक्ति खुद को निष्क्रिय महसूस कर सकता है, जिससे आत्म-सम्मान में कमी की भावना महसूस हो सकती है।

शारीरिक रूप से कुछ भी न करने से शरीर की मसल्स कमजोर हो सकती हैं। बिना कुछ किए खाकर सिर्फ बैठे रहने और सोने से वजन बढ़ सकता है। ये मेटाबॉलिज्म को स्लो कर सकता है, जिससे पाचन तंत्र प्रभावित होता है।

आलस काे ऐसे भगाएं दूर

आलस को दूर करने के लिए सबसे पहले हमें मानसिक रूप से तैयार होना होगा। नियमित वर्कआउट करने, हेल्दी डाइट और पर्याप्त नींद लेने से शरीर दिन भर एनर्जेटिक बना रहता है। इसके अलावा अपनी लाइफस्टाइल में कुछ अन्य बदलाव भी करने की जरूरत है। इसके लिए नीचे ग्राफिक देखिए-

आइए ऊपर दिए पॉइंट्स के बारे में विस्तार से बात करते हैं।

अपने कार्यों को प्रिऑरिटी के हिसाब से करें

जब आपके पास कई काम हों तो हर काम के लिए एक समय निर्धारित करें और उसे उसी समय में करने का प्रयास करें। इसके अलावा सबसे पहले अपने महत्वपूर्ण कार्यों को करें। इसके बाद दूसरे कामों को प्राथमिकता दें।

छोटे-छोटे टुकड़ों में बांटकर काम करें

हर काम के लिए छोटे-छोटे लक्ष्य निर्धारित करें। इससे तनाव कम होता है और काम की प्रोडक्टिविटी बढ़ती है। इसके अलावा कोई भी काम बोझिल नहीं लगता है। इसलिए एक समय में एक ही काम में मन लगाएं। हर छोटे कार्य को पूरा करने पर एक मोटिवेशन भी मिलता है।

डिस्ट्रैक्शन की पहचान करें और उन्हें कंट्रोल करें

काम करते समय डिस्ट्रैक्शन से बचना बेहद जरूरी है। अगर आप कोई ऐसा काम कर रहे हैं, जो आपके मोबाइल फोन या आसपास के शोर से प्रभावित हो रहा है तो ऐसी जगह से दूरी बनाएं। इससे आप अपने काम को बेहतर तरीके से कर सकेंगे।

तनाव कम करने का प्रयास करें

तनाव हमारे शरीर का वह दुश्मन है, जो हमारे दिमाग पर नकारात्मक प्रभाव डालता है। इससे सोचने और निर्णय लेने की क्षमता कम हो जाती है। इससे थकान के साथ-साथ काम पर ध्यान केंद्रित करने में भी कठिनाई होती है। इससे निपटने के लिए नियमित मेडिटेशन और पर्याप्त नींद बेहद जरूरी है।

बीच-बीच में ब्रेक लें

लंबे समय तक एक ही जगह पर बैठकर काम करना मानसिक थकान का कारण बन सकता है। इसलिए काम के बीच में थोड़ी देर के लिए ब्रेक लेना जरूरी है। ये फिर से काम पर ध्यान केंद्रित करने में मदद करता है। इससे आपकी प्रोडक्टिविटी में इजाफा होता है।

काम के दौरान मोटिवेटेड रहना जरूरी

किसी भी काम के लिए उसे लेकर पॉजिटिव और मोटिवेटेड रहना जरूरी है। यह आपको अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने में मदद करता है। काम में मोटिवेशन की कमी से डिप्रेशन, स्ट्रेस या एंग्जाइटी हो सकती है।

जब ऑफिस के कामों में मन न लगे तो अपनाएं ये टिप्स

याद रखें, कभी-कभी काम में मन न लगना सामान्य बात है। लेकिन अगर ये रोजाना होने लगे तो आप आलस के ​शिकार हो सकते हैं। इससे निपटने के लिए नीचे दिए गए कुछ टिप्स अपना सकते हैं।

  • छोटे काम पहले निपटाने से एक उपलब्धि का एहसास होता है और बड़े कामों के लिए मानसिक तैयारी बनती है। इसलिए छोटे-छोटे लक्ष्य बनाकर काम करें।
  • हर काम का समय निर्धारित करें और उसे उतने ही समय में करने की कोशिश करें।
  • अगर आपको म्यूजिक पसंद है तो काम करते वक्त हल्का म्यूजिक सुन सकते हैं।
  • कभी-कभी पुराने तरीके से काम करना बोरिंग हो सकता है। ऐसे में अगर संभव हो तो किसी नई टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करें।
  • अपने किसी कुलीग से बात करके आप अपने मन को हल्का महसूस कर सकते हैं।
  • लगातार काम करने से मन ऊब जाता है। ऐसे में थोड़ी देर के लिए ब्रेक लेकर बाहर टहलें या पानी पिएं। इससे अच्छा फील होता है।

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