24 मिनट पहले
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हाल ही में उत्तर प्रदेश के मथुरा में एक मालगाड़ी के 26 डिब्बे पटरी से उतर गए। इसके कारण दिल्ली-मुंबई रेलवे मार्ग पर चलने वाली 100 से ज्यादा ट्रेनें प्रभावित हुईं। 34 ट्रेनों को कैंसिल करना पड़ा। वहीं 60 से अधिक ट्रेनों का रूट डायवर्ट किया गया। यह तो बड़ी वजह थी, जिसके कारण ट्रेनों को कैंसिल या डायवर्ट करना पड़ा, लेकिन भारत में आमतौर पर ट्रेनें अक्सर लेट ही पहुंचती हैं, जिससे यात्रियों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
क्या आप जानते हैं कि जिस तरह रेलवे में यात्रा करते हुए आपकी कुछ ड्यूटी और दायित्व हैं, जैसेकि बिना टिकट यात्रा न करना, ट्रेन में शराब न पीना या रेलवे प्रॉपर्टी को नुकसान न पहुंचाना। ठीक वैसे ही आपके कुछ अधिकार भी हैं।
अगर कोई नागरिक टिकट खरीदकर वैलिड टिकट पर यात्रा कर रहा है तो भारतीय रेलवे रेल यात्रा से जुड़ी उसकी जरूरतों को पूरा करने के लिए बाध्य है। इसमें कोई रुकावट या बाधा आने पर यात्री को कुछ अधिकार भी दिए गए हैं।
इन अधिकारों के मुताबिक अगर आपकी ट्रेन निर्धारित समय से 3 घंटे से ज्यादा लेट है तो आप रेलवे प्रशासन से टिकट के पूरे पैसे वसूल सकते हैं। इसी तरह फ्लाइट में यात्रा करने वाले लोगों के पास भी ऐसे कई अधिकार हैं। यदि फ्लाइट लेट होती है या कैंसिल हो जाती है तो पैसेंजर एयरलाइंस से पूरा रिफंड क्लेम कर सकते हैं।
तो आज जरूरत की खबर में बात करेंगे कि फ्लाइट या ट्रेन के लेट होने पर यात्रियों के क्या अधिकार हैं? साथ ही जानेंगे कि-
- ट्रेन लेट होने पर यात्री टिकट के पैसे कैसे रिफंड करा सकते हैं?
- फ्लाइट के कैंसिल या लेट होने पर यात्री को किन बुनियादी सुविधाओं का अधिकार है?
सवाल- अगर ट्रेन लेट या कैंसिल हो जाए तो यात्री के क्या अधिकार हैं?
जवाब- भारतीय रेलवे के नियमों के मुताबिक अगर ट्रेन किसी कारण से लेट हो रही है तो रेलवे आपके मोबाइल पर मैसेज भेजकर आपको सूचित करेगा। इस मैसेज में ट्रेन कितने घंटे लेट होगी और कब तक आपके स्टेशन पर पहुंचेगी, इसकी सूचना दी जाएगी। साथ ही ट्रेन के रीशेड्यूल या कैंसिल होने की जानकारी भी यात्रियों को दी जाएगी। हालांकि, यह जानकारी सिर्फ आरक्षित (रिजर्वेशन) सीटों वाले यात्रियों को दी जाएगी।
अगर ट्रेन 3 घंटे से ज्यादा लेट हो जाती है तो यात्री रिफंड की मांग कर सकता है। नीचे दिए ग्राफिक से इसे समझिए।

सवाल- टिकट कैंसिल कराने पर रिफंड कैसे मिलेगा?
जवाब- अगर यात्री ने कैश देकर रेलवे स्टेशन के टिकट काउंटर से टिकट खरीदा है तो कैंसिल करवाने पर उसे तुरंत कैश रिफंड कर दिया जाएगा। अगर ऑनलाइन IRCTC की वेबसाइट या ऐप से टिकट बुक कराई गई है तो टिकट डिपॉजिट रसीद (TDR) फाइल करनी होगी। इसके बाद रिफंड में करीब 90 दिन का समय लग सकता है।
इसके अलावा अगर भारतीय रेलवे द्वारा ट्रेन कैंसिल की जाती है तो यात्रियों को ऑटोमैटिक पूरा रिफंड मिलता है। ई-टिकट का रिफंड 3 से 7 दिनों के भीतर आपके बैंक अकाउंट में आ जाता है।
सवाल- क्या एक बार चार्ट बनने के बाद भी टिकट कैंसिल करके रिफंड लिया जा सकता है?
जवाब- एक बार चार्ट तैयार होने के बाद आप अपना कन्फर्म टिकट कैंसल नहीं कर सकते हैं और न ही रिफंड ले सकते हैं। लेकिन इस स्थिति में भी आपको एक सुविधा दी गई है। आप टिकट कैंसिल करने के वैलिड कारण के साथ टिकट डिपॉजिट रसीद (TDR) जमा कर सकते हैं। यह पूरी तरह जोनल रेलवे डिविजन के अधिकारी पर निर्भर है कि वह आपको रिफंड देते हैं या नहीं।
सवाल- फ्लाइट के डिले या कैंसिल होने पर यात्रियों के लिए क्या नियम हैं?
जवाब- डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) द्वारा फ्लाइट में यात्रा करने वाले यात्रियों को कुछ अधिकार दिए गए हैं। इन अधिकारों का इस्तेमाल यात्री फ्लाइट के डिले या कैंसिल होने की स्थिति में कर सकते हैं।
DGCA के मुताबिक, अगर कोई यात्री एयरपोर्ट पर पहुंच गया है और उसकी फ्लाइट 4 घंटे से ज्यादा लेट है तो एयरलाइंस की ओर से यात्री को फ्री रिफ्रेशमेंट दिया जाएगा। वहीं फ्लाइट के 6 घंटे से ज्यादा लेट होने पर एयरलाइंस को यात्री के लिए दूसरी फ्लाइट की व्यवस्था करनी होगी या फिर टिकट का पूरा रिफंड देना होगा।
इसी तरह अगर एयरलाइंस कंपनी फ्लाइट को कैंसिल करती है तो भी यही शर्तें लागू होंगी। या तो दूसरी फ्लाइट की व्यवस्था करनी होगी या फिर टिकट के पूरे पैसे रिफंड देने होंगे। अगर एयरलाइंस यात्रियों को निर्धारित डिपार्चर टाइम से कम-से-कम 24 घंटे पहले कैंसिलेशन की जानकारी नहीं देती है तो उसे फुल रिफंड के साथ मुआवजा भी देना होगा। यह मुआवजा राशि 5000 रुपए, 7500 रुपए या 10000 रुपए हो सकती है। यह उड़ान की अवधि के आधार पर तय किया जाता है।

सवाल- एयरलाइंस कब मुआवजा देने से मना कर सकती है?
जवाब- जब उड़ानें लेट या कैंसिल किसी ऐसी वजह से होती हैं, जो एयरलाइंस के नियंत्रण से बाहर है, जैसेकि राजनीतिक विवाद, प्राकृतिक आपदा, गृहयुद्ध, विमान हमले। इसके अलावा अगर सुरक्षा जोखिम या मौसम संबंधी स्थिति के कारण उड़ान रद्द होती है तो एयरलाइंस किसी भी मुआवजे का भुगतान करने के लिए उत्तरदायी नहीं है।
सवाल- कैंसिल फ्लाइट टिकट का रिफंड कब तक मिलता है?
जवाब- DGCA के मुताबिक, अगर टिकट का पेमेंट नकद में किया गया है तो एयरलाइंस द्वारा तुरंत पेमेंट वापस किया जाएगा। कार्ड से भुगतान के मामले में एयरलाइंस को 7 दिनों के भीतर पेमेंट वापस करना होगा। अगर टिकट ट्रैवल एजेंट या किसी थर्ड पार्टी की वेबसाइट के जरिए खरीदा है तो भी रिफंड की जिम्मेदारी एयरलाइंस की होगी। हालांकि इस मामले में रिफंड के लिए 30 दिन तक का इंतजार करना पड़ सकता है।




